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Q: प्राथमिक स्तर के बच्चों के भाषा-विकास की दृष्टि से सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण है–
  • A. समाचार-पत्र
  • B. बाल साहित्य
  • C. पत्रिका
  • D. पाठ्य-पुस्तक
Correct Answer: Option B - प्राथमिक स्तर के बच्चों के भाषा-विकास की दृष्टि से सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण है बाल साहित्य। बाल साहित्य छोटी उम्र के बच्चों को ध्यान में रखकर लिखा गया साहित्य होता है। दरअसल, बाल साहित्य का उद्देश्य बाल पाठकों का मनोरंजन करना ही नहीं अपितु उन्हें आज के जीवन की सच्चाइयों से परिचित कराना है। कहानियों के माध्यम से हम बच्चों को शिक्षा प्रदान करके उनका चरित्र निर्माण कर सकते हैं तभी तो ये बच्चे जीवन के संघर्षों से जूझ सकेंगे।
B. प्राथमिक स्तर के बच्चों के भाषा-विकास की दृष्टि से सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण है बाल साहित्य। बाल साहित्य छोटी उम्र के बच्चों को ध्यान में रखकर लिखा गया साहित्य होता है। दरअसल, बाल साहित्य का उद्देश्य बाल पाठकों का मनोरंजन करना ही नहीं अपितु उन्हें आज के जीवन की सच्चाइयों से परिचित कराना है। कहानियों के माध्यम से हम बच्चों को शिक्षा प्रदान करके उनका चरित्र निर्माण कर सकते हैं तभी तो ये बच्चे जीवन के संघर्षों से जूझ सकेंगे।

Explanations:

प्राथमिक स्तर के बच्चों के भाषा-विकास की दृष्टि से सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण है बाल साहित्य। बाल साहित्य छोटी उम्र के बच्चों को ध्यान में रखकर लिखा गया साहित्य होता है। दरअसल, बाल साहित्य का उद्देश्य बाल पाठकों का मनोरंजन करना ही नहीं अपितु उन्हें आज के जीवन की सच्चाइयों से परिचित कराना है। कहानियों के माध्यम से हम बच्चों को शिक्षा प्रदान करके उनका चरित्र निर्माण कर सकते हैं तभी तो ये बच्चे जीवन के संघर्षों से जूझ सकेंगे।