Correct Answer:
Option B - परमादेश रिट न्यायालय द्वारा उस समय जारी किया जाता हैं जब कोई लोक प्राधिकारी अपने कर्तव्यों के निर्वहन से इनकार करे और जिसके लिए कोई अन्य विधिक उपचार (कोई कानूनी रास्ता न हो) प्राप्त न हो। इस रिट के द्वारा किसी लोक पद के प्राधिकारी को यह भी आदेश दिया जा सकता हैं कि वह उसे सौपें गए कर्तव्य का पालन सुनिश्चित करें। भारत में सर्वोच्च-न्यायालय संविधान के अनुच्छेद–32और उच्च न्यायालय अनुच्छेद–226 के तहत विशेषाधिकार संबंधी रिट जारी कर सकते है।
B. परमादेश रिट न्यायालय द्वारा उस समय जारी किया जाता हैं जब कोई लोक प्राधिकारी अपने कर्तव्यों के निर्वहन से इनकार करे और जिसके लिए कोई अन्य विधिक उपचार (कोई कानूनी रास्ता न हो) प्राप्त न हो। इस रिट के द्वारा किसी लोक पद के प्राधिकारी को यह भी आदेश दिया जा सकता हैं कि वह उसे सौपें गए कर्तव्य का पालन सुनिश्चित करें। भारत में सर्वोच्च-न्यायालय संविधान के अनुच्छेद–32और उच्च न्यायालय अनुच्छेद–226 के तहत विशेषाधिकार संबंधी रिट जारी कर सकते है।