Correct Answer:
Option C - जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में तिरछा होकर गमन करता है तो वह दोनों माध्यमों के पृथक्कारी तल पर अभिलंब की ओर अथवा अभिलम्ब से दूर मुड़ जाता है, इसे प्रकाश का अपवर्तन कहते है। अर्थात् प्रकाश की किरण एक से दूसरे (सघन) माध्यम जैसे वायु से जल अथवा काँच में प्रवेश करने पर अपने मार्ग से अभिलम्ब की ओर मुड़ जाती है। इसी प्रकार जब प्रकाश की किरण पानी से ग्लास तक जाती है तो अभिलंब की ओर ओर मुड़ जाती है और उसकी गति धीमी हो जाती है।
C. जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में तिरछा होकर गमन करता है तो वह दोनों माध्यमों के पृथक्कारी तल पर अभिलंब की ओर अथवा अभिलम्ब से दूर मुड़ जाता है, इसे प्रकाश का अपवर्तन कहते है। अर्थात् प्रकाश की किरण एक से दूसरे (सघन) माध्यम जैसे वायु से जल अथवा काँच में प्रवेश करने पर अपने मार्ग से अभिलम्ब की ओर मुड़ जाती है। इसी प्रकार जब प्रकाश की किरण पानी से ग्लास तक जाती है तो अभिलंब की ओर ओर मुड़ जाती है और उसकी गति धीमी हो जाती है।