Correct Answer:
Option B - मार्जिन रेखाएँ (Margin lines):- मार्जिन रेखा चरम बाहरी सीमाओं और कार्य स्थान के बीच के स्थान में प्रदान की जाती है। जिससे शीट का किनारा क्षतिग्रस्त होने पर प्रिन्ट को आसानी से फाइलिंग करने, बाइंडिंग और ट्रिम करने की सुविधा मिलती है।
■ मार्जिन रेखाएँ सतत मोटी या चौड़ी रेखाएँ होती है, जिनके साथ प्रिन्ट काटे जाते हैं।
रूप रेखाएँ (Out lines):- इन रेखाओं को मोटी तथा सतत (Thick and continuous) बनाया जाता है। इनका उपयोग सीमा रेखाओं को खींचने में तथा वस्तु की दृश्य कोरों (Visible edges) के लिए किया जाता है।
B. मार्जिन रेखाएँ (Margin lines):- मार्जिन रेखा चरम बाहरी सीमाओं और कार्य स्थान के बीच के स्थान में प्रदान की जाती है। जिससे शीट का किनारा क्षतिग्रस्त होने पर प्रिन्ट को आसानी से फाइलिंग करने, बाइंडिंग और ट्रिम करने की सुविधा मिलती है।
■ मार्जिन रेखाएँ सतत मोटी या चौड़ी रेखाएँ होती है, जिनके साथ प्रिन्ट काटे जाते हैं।
रूप रेखाएँ (Out lines):- इन रेखाओं को मोटी तथा सतत (Thick and continuous) बनाया जाता है। इनका उपयोग सीमा रेखाओं को खींचने में तथा वस्तु की दृश्य कोरों (Visible edges) के लिए किया जाता है।