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Q: प्रगतिशील शिक्षा में बच्चों को किस तरह से देखा जाता है?
  • A. निष्क्रिय अनुकारकों के रूप में
  • B. सक्रिय अन्वेषकों के रूप में
  • C. खाली स्लेटों के रूप में
  • D. छोटे वयस्कों के रूप में
Correct Answer: Option B - प्रगतिशील शिक्षा में बच्चों को सक्रिय अन्वेषकों के रूप में देखा जाता है। प्रगतिशील शिक्षा में यह माना जाता है कि बच्चे अपने ज्ञान का निर्माता स्वयं होते हैं, वे निष्क्रिय जानकारी प्राप्तकर्ता नहीं हैं बल्कि सक्रिय रूप से अपने अनुभवों और पूर्व ज्ञान से अर्थ का निर्माण करते हैं। उन्हें खोजकर्ता या आविष्कारक के स्थान पर रखा जाता है तथा उनके समक्ष समस्या को प्रस्तुत किया जाता है फिर उनसे यह अपेक्षा की जाती है कि निर्देशन के अनुसार अवलोकन और प्रयोग आयोजित करें। निष्कर्ष विद्यार्थियों द्वारा निकाला जाता है और इस प्रकार उनको तार्किक कौशल का परिचय स्वयं के अवलोकन और प्रयोग द्वारा होता है। प्रगतिशील शिक्षा में शिक्षक मात्र एक सुगमकर्ता, सहायक और मार्गदर्शक की भूमिका में होता है।
B. प्रगतिशील शिक्षा में बच्चों को सक्रिय अन्वेषकों के रूप में देखा जाता है। प्रगतिशील शिक्षा में यह माना जाता है कि बच्चे अपने ज्ञान का निर्माता स्वयं होते हैं, वे निष्क्रिय जानकारी प्राप्तकर्ता नहीं हैं बल्कि सक्रिय रूप से अपने अनुभवों और पूर्व ज्ञान से अर्थ का निर्माण करते हैं। उन्हें खोजकर्ता या आविष्कारक के स्थान पर रखा जाता है तथा उनके समक्ष समस्या को प्रस्तुत किया जाता है फिर उनसे यह अपेक्षा की जाती है कि निर्देशन के अनुसार अवलोकन और प्रयोग आयोजित करें। निष्कर्ष विद्यार्थियों द्वारा निकाला जाता है और इस प्रकार उनको तार्किक कौशल का परिचय स्वयं के अवलोकन और प्रयोग द्वारा होता है। प्रगतिशील शिक्षा में शिक्षक मात्र एक सुगमकर्ता, सहायक और मार्गदर्शक की भूमिका में होता है।

Explanations:

प्रगतिशील शिक्षा में बच्चों को सक्रिय अन्वेषकों के रूप में देखा जाता है। प्रगतिशील शिक्षा में यह माना जाता है कि बच्चे अपने ज्ञान का निर्माता स्वयं होते हैं, वे निष्क्रिय जानकारी प्राप्तकर्ता नहीं हैं बल्कि सक्रिय रूप से अपने अनुभवों और पूर्व ज्ञान से अर्थ का निर्माण करते हैं। उन्हें खोजकर्ता या आविष्कारक के स्थान पर रखा जाता है तथा उनके समक्ष समस्या को प्रस्तुत किया जाता है फिर उनसे यह अपेक्षा की जाती है कि निर्देशन के अनुसार अवलोकन और प्रयोग आयोजित करें। निष्कर्ष विद्यार्थियों द्वारा निकाला जाता है और इस प्रकार उनको तार्किक कौशल का परिचय स्वयं के अवलोकन और प्रयोग द्वारा होता है। प्रगतिशील शिक्षा में शिक्षक मात्र एक सुगमकर्ता, सहायक और मार्गदर्शक की भूमिका में होता है।