Correct Answer:
Option D - हर विषय की प्रकृति अलग-2 होती है जिसके अनुसार उस विषय को देखा, समझा जाता है। गणित की प्रकृति में अमूर्तता, तार्किकता, सटीक, चिन्हात्मक, विशिष्टता, क्रमबद्धता, प्रतीक एवं संचरनाओं का अध्ययन आदि आते है।
D. हर विषय की प्रकृति अलग-2 होती है जिसके अनुसार उस विषय को देखा, समझा जाता है। गणित की प्रकृति में अमूर्तता, तार्किकता, सटीक, चिन्हात्मक, विशिष्टता, क्रमबद्धता, प्रतीक एवं संचरनाओं का अध्ययन आदि आते है।