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Q: `प्लवमान जीन' (जंपिंग जीन) के सिद्धान्त का प्रतिपादन किसने किया था?
  • A. ग्रेगर जॉन मेंडल
  • B. थॉमस हंट मॉर्गन
  • C. बारबरा मैक्लिटंग
  • D. वाटसन और क्रिक
Correct Answer: Option C - वे D.N.A. अणु जो स्थानान्तरणशील होते हैं और पलाज़िमड अथवा जीवाणु DNA के विभिन्न स्थलों पर स्थान ग्रहण कर सकते हैं `जंपिंग जीन' या `प्लवमान जीन' अथवा `ट्रांसपोजॉन' कहलाते हैं। `जंपिंग जीन' के सिद्धाँत का प्रतिपादन बारबरा मैक्लिटोक ने मक्के में अपनी खोज के दौरान किया था। जंपिंग जीन का मुख्य लक्षण इनके छोरों पर पाये जाने वाले न्यूक्लियोटाइड्स के क्रमों की आपस में पूरकता है।
C. वे D.N.A. अणु जो स्थानान्तरणशील होते हैं और पलाज़िमड अथवा जीवाणु DNA के विभिन्न स्थलों पर स्थान ग्रहण कर सकते हैं `जंपिंग जीन' या `प्लवमान जीन' अथवा `ट्रांसपोजॉन' कहलाते हैं। `जंपिंग जीन' के सिद्धाँत का प्रतिपादन बारबरा मैक्लिटोक ने मक्के में अपनी खोज के दौरान किया था। जंपिंग जीन का मुख्य लक्षण इनके छोरों पर पाये जाने वाले न्यूक्लियोटाइड्स के क्रमों की आपस में पूरकता है।

Explanations:

वे D.N.A. अणु जो स्थानान्तरणशील होते हैं और पलाज़िमड अथवा जीवाणु DNA के विभिन्न स्थलों पर स्थान ग्रहण कर सकते हैं `जंपिंग जीन' या `प्लवमान जीन' अथवा `ट्रांसपोजॉन' कहलाते हैं। `जंपिंग जीन' के सिद्धाँत का प्रतिपादन बारबरा मैक्लिटोक ने मक्के में अपनी खोज के दौरान किया था। जंपिंग जीन का मुख्य लक्षण इनके छोरों पर पाये जाने वाले न्यूक्लियोटाइड्स के क्रमों की आपस में पूरकता है।