Correct Answer:
Option B - ‘आत्मजयी’ कृति की रचना का आधार ‘कठोपनिषद्’ है। ‘आत्मजयी’ के लेखक कुंवर नारायण हैं। कठोपनिषद् प्रबन्ध- काव्य है। कुंवर नारायण की रचना है– .1 चक्रव्यूह 2. परिवेश: हम तुम 3. अपने सामने 4. कोई दूसरा नहीं 5. इन दिनों 6. वाजश्रवा के बहाने (प्रबन्ध काव्य)।
B. ‘आत्मजयी’ कृति की रचना का आधार ‘कठोपनिषद्’ है। ‘आत्मजयी’ के लेखक कुंवर नारायण हैं। कठोपनिषद् प्रबन्ध- काव्य है। कुंवर नारायण की रचना है– .1 चक्रव्यूह 2. परिवेश: हम तुम 3. अपने सामने 4. कोई दूसरा नहीं 5. इन दिनों 6. वाजश्रवा के बहाने (प्रबन्ध काव्य)।