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  • A. कला के उद्गम क्षण से
  • B. कला के पहले क्षण से
  • C. कला के दूसरे क्षण से
  • D. कला के तीसरे क्षण से
Correct Answer: Option D - ‘कला के तीसरे क्षण’ से फैण्टेसी साहित्यिक कलात्मक अभिव्यक्ति का रूप धारण करने लगती है। फैण्टेसी एक तकनीकि है, जिसका प्रयोग एक सृजनशील साहित्यकार अपनी रचना की प्रक्रिया में करता है। सरल शब्दों में कहें तो पैâण्टेसी का अर्थ कल्पना होता है। मुक्तिबोध की कविता ‘अंधेरे में’ फैण्टेसी का एक अच्छा उदाहरण है।
D. ‘कला के तीसरे क्षण’ से फैण्टेसी साहित्यिक कलात्मक अभिव्यक्ति का रूप धारण करने लगती है। फैण्टेसी एक तकनीकि है, जिसका प्रयोग एक सृजनशील साहित्यकार अपनी रचना की प्रक्रिया में करता है। सरल शब्दों में कहें तो पैâण्टेसी का अर्थ कल्पना होता है। मुक्तिबोध की कविता ‘अंधेरे में’ फैण्टेसी का एक अच्छा उदाहरण है।

Explanations:

‘कला के तीसरे क्षण’ से फैण्टेसी साहित्यिक कलात्मक अभिव्यक्ति का रूप धारण करने लगती है। फैण्टेसी एक तकनीकि है, जिसका प्रयोग एक सृजनशील साहित्यकार अपनी रचना की प्रक्रिया में करता है। सरल शब्दों में कहें तो पैâण्टेसी का अर्थ कल्पना होता है। मुक्तिबोध की कविता ‘अंधेरे में’ फैण्टेसी का एक अच्छा उदाहरण है।