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Q: तर्कभाषानुसारेण परार्थानुमानवाक्यं भवति
  • A. द्वयवयम्
  • B. त्र्यवयवम्
  • C. चतुरवयम्
  • D. पञ्चावयवम्
Correct Answer: Option D - तर्कभाषानुसारेण परार्थानुमान वाक्यं पञ्चावयवम् भवति। अर्थात् तर्क भाषानुसार परार्थानुमानवाक्य पाँच अवयव (प्रतिज्ञा, हेतु, उदाहरण, उपनय तथा निगमन) वाला होता है। अनुमान (लिङ्गपरामर्शोऽनुमानम्) स्वार्थानुमान और परार्थानुमान के भेद से दो प्रकार का होता है, अत: अपने ज्ञान का जो निमित्त है वह स्वार्थानुमान तथा जब कोई स्वयं धूम से अग्नि का अनुमान करके दूसरे को उसका बोध कराने के लिए पाँच अवयव वाले अनुमान वाक्य का प्रयोग करता है। अनुमान के पाँच अवयव (1) प्रतिज्ञा, (2) हेतु, (3) उदाहरण, (4) उपनय (5) निगमन। अत: उपर्युक्त विकल्पों में विकल्प (d) सही है शेष विकल्प अनुपयुक्त है।
D. तर्कभाषानुसारेण परार्थानुमान वाक्यं पञ्चावयवम् भवति। अर्थात् तर्क भाषानुसार परार्थानुमानवाक्य पाँच अवयव (प्रतिज्ञा, हेतु, उदाहरण, उपनय तथा निगमन) वाला होता है। अनुमान (लिङ्गपरामर्शोऽनुमानम्) स्वार्थानुमान और परार्थानुमान के भेद से दो प्रकार का होता है, अत: अपने ज्ञान का जो निमित्त है वह स्वार्थानुमान तथा जब कोई स्वयं धूम से अग्नि का अनुमान करके दूसरे को उसका बोध कराने के लिए पाँच अवयव वाले अनुमान वाक्य का प्रयोग करता है। अनुमान के पाँच अवयव (1) प्रतिज्ञा, (2) हेतु, (3) उदाहरण, (4) उपनय (5) निगमन। अत: उपर्युक्त विकल्पों में विकल्प (d) सही है शेष विकल्प अनुपयुक्त है।

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तर्कभाषानुसारेण परार्थानुमान वाक्यं पञ्चावयवम् भवति। अर्थात् तर्क भाषानुसार परार्थानुमानवाक्य पाँच अवयव (प्रतिज्ञा, हेतु, उदाहरण, उपनय तथा निगमन) वाला होता है। अनुमान (लिङ्गपरामर्शोऽनुमानम्) स्वार्थानुमान और परार्थानुमान के भेद से दो प्रकार का होता है, अत: अपने ज्ञान का जो निमित्त है वह स्वार्थानुमान तथा जब कोई स्वयं धूम से अग्नि का अनुमान करके दूसरे को उसका बोध कराने के लिए पाँच अवयव वाले अनुमान वाक्य का प्रयोग करता है। अनुमान के पाँच अवयव (1) प्रतिज्ञा, (2) हेतु, (3) उदाहरण, (4) उपनय (5) निगमन। अत: उपर्युक्त विकल्पों में विकल्प (d) सही है शेष विकल्प अनुपयुक्त है।