Correct Answer:
Option A - प्लास्टिक:- दो प्रकार के होते है-
(i) थर्मोप्लास्टिक- यह गर्म करने पर मुलायम तथा ठण्डा करने पर कठोर हो जाता है। इसमें यह गुण सदैव मौजूद रहता है चाहे कितनी बार ठण्डा व गर्म किया जाये। उदाहरण - पॉलीस्टाइरिन, पॉलीथीन, नायलॉन, PVC, टेफ्लॉन इत्यादि।
(ii) थर्मोसेटिंग प्लास्टिक- यह गर्म करते समय मुलायम हो जाता है। परन्तु ताप बढ़ने पर ठोस कठोर एवं दृढ़ हो जाता है। इसे पुन: गर्म करने पर मुलायम नहीं बनाया जा सकता है।
उदाहरण: बैकेलाइट तथा मेलामाइन।
अत: उपरोक्त से प्लास्टिक की ताप सुनम्य बारंबार सांचों में ढाले जा सकते हैं। यह कथन सत्य है।
A. प्लास्टिक:- दो प्रकार के होते है-
(i) थर्मोप्लास्टिक- यह गर्म करने पर मुलायम तथा ठण्डा करने पर कठोर हो जाता है। इसमें यह गुण सदैव मौजूद रहता है चाहे कितनी बार ठण्डा व गर्म किया जाये। उदाहरण - पॉलीस्टाइरिन, पॉलीथीन, नायलॉन, PVC, टेफ्लॉन इत्यादि।
(ii) थर्मोसेटिंग प्लास्टिक- यह गर्म करते समय मुलायम हो जाता है। परन्तु ताप बढ़ने पर ठोस कठोर एवं दृढ़ हो जाता है। इसे पुन: गर्म करने पर मुलायम नहीं बनाया जा सकता है।
उदाहरण: बैकेलाइट तथा मेलामाइन।
अत: उपरोक्त से प्लास्टिक की ताप सुनम्य बारंबार सांचों में ढाले जा सकते हैं। यह कथन सत्य है।