Correct Answer:
Option C - चौफुला, जिसमें उत्तराखण्ड राज्य के गढ़वाल क्षेत्र में स्त्री-पुरुषों द्वारा एक साथ या अलग-अलग टोली बनाकर किया जाने वाला यह शृंगार भाव प्रधान नृत्य है। ऐसी मान्यता है कि इस नृत्य को पार्वती ने शिव को प्रसन्न करने के लिए किया था। इसमें किसी भी प्रकार के वाद्य यंत्र का प्रयोग नहीं किया जाता है बल्कि हाथों की ताली, पैरों की थाप, झांझ की झंकार, कंगन व पाजेब की सुमधुर ध्वनियाँ ही मादकता प्रदान करती हैं। इस नृत्य में पुरुष नर्तकों को चौफुला तथा स्त्री नर्तकों को चौफलों कहते हैं।
C. चौफुला, जिसमें उत्तराखण्ड राज्य के गढ़वाल क्षेत्र में स्त्री-पुरुषों द्वारा एक साथ या अलग-अलग टोली बनाकर किया जाने वाला यह शृंगार भाव प्रधान नृत्य है। ऐसी मान्यता है कि इस नृत्य को पार्वती ने शिव को प्रसन्न करने के लिए किया था। इसमें किसी भी प्रकार के वाद्य यंत्र का प्रयोग नहीं किया जाता है बल्कि हाथों की ताली, पैरों की थाप, झांझ की झंकार, कंगन व पाजेब की सुमधुर ध्वनियाँ ही मादकता प्रदान करती हैं। इस नृत्य में पुरुष नर्तकों को चौफुला तथा स्त्री नर्तकों को चौफलों कहते हैं।