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Q: Original shooting reserve of the Maharaja of Gwalior is now called/ग्वालियर के महाराजा के मूल शूटिंग रिजर्व को अब बुलाया जाता है
  • A. Madhav Sanctuary/माधव अभ्यारण्य
  • B. Bandipur Sanctuary/बांदीपुर अभ्यारण्य
  • C. Bandhavgarh Sanctuary/बांधवगढ़ अभ्यारण्य
  • D. Panna Reserve/पन्ना अभ्यारण्य
Correct Answer: Option A - ग्वालियर के महाराजा के मूल शूटिंग रिजर्व को अब माधव अभ्यारण्य नाम से बुलाया जाता है। माधव राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में स्थित है, इसकी स्थापना 1958 में की गई थी। यहां सर्वाधिक वन घनत्व पाया जाता है। इस राष्ट्रीय उद्यान का नाम ग्वालियर के सिंधिया राजवंश से संबंधित है। इसका नाम ग्वालियर के महाराजा माधवराव सिंधिया के नाम पर रखा गया है। यह पूर्व में सिंधिया राजवंश का शिकार स्थल था। इस राष्ट्रीय उद्यान में मनियार नदी पर सांख्य सागर, माधव सागर आदि झीलों का निर्माण कराया गया है।
A. ग्वालियर के महाराजा के मूल शूटिंग रिजर्व को अब माधव अभ्यारण्य नाम से बुलाया जाता है। माधव राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में स्थित है, इसकी स्थापना 1958 में की गई थी। यहां सर्वाधिक वन घनत्व पाया जाता है। इस राष्ट्रीय उद्यान का नाम ग्वालियर के सिंधिया राजवंश से संबंधित है। इसका नाम ग्वालियर के महाराजा माधवराव सिंधिया के नाम पर रखा गया है। यह पूर्व में सिंधिया राजवंश का शिकार स्थल था। इस राष्ट्रीय उद्यान में मनियार नदी पर सांख्य सागर, माधव सागर आदि झीलों का निर्माण कराया गया है।

Explanations:

ग्वालियर के महाराजा के मूल शूटिंग रिजर्व को अब माधव अभ्यारण्य नाम से बुलाया जाता है। माधव राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में स्थित है, इसकी स्थापना 1958 में की गई थी। यहां सर्वाधिक वन घनत्व पाया जाता है। इस राष्ट्रीय उद्यान का नाम ग्वालियर के सिंधिया राजवंश से संबंधित है। इसका नाम ग्वालियर के महाराजा माधवराव सिंधिया के नाम पर रखा गया है। यह पूर्व में सिंधिया राजवंश का शिकार स्थल था। इस राष्ट्रीय उद्यान में मनियार नदी पर सांख्य सागर, माधव सागर आदि झीलों का निर्माण कराया गया है।