Correct Answer:
Option D - निषेध (Inhibition), तब होता है, जब किसी व्यवहार को दंडित किया जाता हैै, कुछ करने के लिए झुकाव की स्थिति होने पर, लेकिन यह सजा की प्रत्याशा से आच्छादित है।
निषेध शब्द का शाब्दिक अर्थ- अवज्ञा के समरूप होता है। अर्थात् यदि किसी स्थान पर निषेध लिखा हो तो उस स्थान पर जाने की मनाही होती है। इसी प्रकार किसी चीज को करने की मनाही को भी हम निषेध कहते है, जो सजा की प्रत्याशा से नहीं किया जाता है, यह सिर्फ एक संकेत होता है।
D. निषेध (Inhibition), तब होता है, जब किसी व्यवहार को दंडित किया जाता हैै, कुछ करने के लिए झुकाव की स्थिति होने पर, लेकिन यह सजा की प्रत्याशा से आच्छादित है।
निषेध शब्द का शाब्दिक अर्थ- अवज्ञा के समरूप होता है। अर्थात् यदि किसी स्थान पर निषेध लिखा हो तो उस स्थान पर जाने की मनाही होती है। इसी प्रकार किसी चीज को करने की मनाही को भी हम निषेध कहते है, जो सजा की प्रत्याशा से नहीं किया जाता है, यह सिर्फ एक संकेत होता है।