Correct Answer:
Option C - चुम्बकीय याम्योत्तर (Magnetic Meridian)- किसी बिन्दु पर, एक चुम्बकीय सुई पूर्णत: सन्तुलित एवं मुक्त अवस्था में तथा स्थानीय आकर्षणों से अप्रभावित, क्षैतिज लटकाये जाने पर जो दिशा बताती है, उस दिशा को चुम्बकीय याम्योत्तर कहते हैं।
■ चुम्बकीय याम्योत्तर तथा किसी सर्वेक्षण रेखा के मध्य बनने वाले क्षैतिज कोण को उस रेखा का चुम्बकीय दिक्मान कहते हैं।
भौगोलिक या सत्य याम्योत्तर (Geographic or true Merdiain)– किसी बिन्दु से होकर पृथ्वी के गोले को काटता तथा यथार्थ उत्तर-दक्षिण ध्रुवों के परित: होता हुआ काल्पनिक तल (Imaginary plane) जो दिशा प्रदर्शित करता है। वह उस बिन्दु रेखा का सत्य याम्योत्तर कहलाता है।
■ सत्य याम्योत्तर से कोई रेखा जो क्षैतिज कोण बनाती है, वह कोण उस रेखा का सत्य दिक्मान कहलाता है।
C. चुम्बकीय याम्योत्तर (Magnetic Meridian)- किसी बिन्दु पर, एक चुम्बकीय सुई पूर्णत: सन्तुलित एवं मुक्त अवस्था में तथा स्थानीय आकर्षणों से अप्रभावित, क्षैतिज लटकाये जाने पर जो दिशा बताती है, उस दिशा को चुम्बकीय याम्योत्तर कहते हैं।
■ चुम्बकीय याम्योत्तर तथा किसी सर्वेक्षण रेखा के मध्य बनने वाले क्षैतिज कोण को उस रेखा का चुम्बकीय दिक्मान कहते हैं।
भौगोलिक या सत्य याम्योत्तर (Geographic or true Merdiain)– किसी बिन्दु से होकर पृथ्वी के गोले को काटता तथा यथार्थ उत्तर-दक्षिण ध्रुवों के परित: होता हुआ काल्पनिक तल (Imaginary plane) जो दिशा प्रदर्शित करता है। वह उस बिन्दु रेखा का सत्य याम्योत्तर कहलाता है।
■ सत्य याम्योत्तर से कोई रेखा जो क्षैतिज कोण बनाती है, वह कोण उस रेखा का सत्य दिक्मान कहलाता है।