Correct Answer:
Option B - गद्यांश के अनुसार गॉधीजी ने देर से रसोईघर में पहुंचने की पूरी सजा भुगतने की बात की। सभी में समयपालन व समय सदुपयोग करने की आदत विकसित करने के लिए गाँधीजी ने नियम बनाएँ थे जो किसी कारणवश स्वयं गाँधीजी से ही टूट गया तो उन्होने नियमभंग के दण्ड को स्वीकारते हुए बरामदे में ही खड़े रहे।
B. गद्यांश के अनुसार गॉधीजी ने देर से रसोईघर में पहुंचने की पूरी सजा भुगतने की बात की। सभी में समयपालन व समय सदुपयोग करने की आदत विकसित करने के लिए गाँधीजी ने नियम बनाएँ थे जो किसी कारणवश स्वयं गाँधीजी से ही टूट गया तो उन्होने नियमभंग के दण्ड को स्वीकारते हुए बरामदे में ही खड़े रहे।