Correct Answer:
Option D - यदि 3-फेज मोटर केवल दो-फेज से संचालित होती है, तो इसे सिंगल-फेजिंग कहा जाता है।
यदि 3-फेज की मोटर चल रही है और 3-फेजों में से एक खुला परिपथ हो जाये तो मोटर कम गति और कम्पन्न का अनुभव करना जारी रखेगी, शेष फेजों में भी धारा में काफी वृद्धि होगी जिससे मोटर घटको का आन्तरिक हिटिंग होगा। यदि मोटर जल्दी से डिस्कनेक्ट नही होता है तो तापमान में वृद्धि के परिणाम स्वरूप मोटर जल जायेगी।
सिंगल फेजिंग का कारण–
1. आपूर्ति के तीन फेजों में से एक का नुकसान।
2. क्षतिग्रस्त रिले संपर्क
3. 3-फेज सर्किट के फ्यूज में से एक का खुला परिपथ होना।
D. यदि 3-फेज मोटर केवल दो-फेज से संचालित होती है, तो इसे सिंगल-फेजिंग कहा जाता है।
यदि 3-फेज की मोटर चल रही है और 3-फेजों में से एक खुला परिपथ हो जाये तो मोटर कम गति और कम्पन्न का अनुभव करना जारी रखेगी, शेष फेजों में भी धारा में काफी वृद्धि होगी जिससे मोटर घटको का आन्तरिक हिटिंग होगा। यदि मोटर जल्दी से डिस्कनेक्ट नही होता है तो तापमान में वृद्धि के परिणाम स्वरूप मोटर जल जायेगी।
सिंगल फेजिंग का कारण–
1. आपूर्ति के तीन फेजों में से एक का नुकसान।
2. क्षतिग्रस्त रिले संपर्क
3. 3-फेज सर्किट के फ्यूज में से एक का खुला परिपथ होना।