Correct Answer:
Option D - ‘तर्कसंगत विचारों का विकास जो कि प्राकृतिक रूप से मूर्त है।’ मध्य बाल्यावस्था की अवधि का मुख्य प्रमाण चिन्ह है। पियाजे के अनुसार, मध्य बाल्यावस्था की अवधि 7-11 या 12 वर्ष तक होती है, जिसको इन्होंने मूर्त संक्रियात्मक अवस्था का नाम दिया है। इस अवस्था में बालक में मूर्त रूप से सोचने, तर्क करने, संरक्षण, विलोमीयता जैसे गुणों का विकास हो जाता है। वह वस्तुओं को उनके गुणों के आधार पर वर्गीकृत कर सकता है, उनका श्रेणीकरण कर सकता है और उनमें सम्बन्ध स्थापित कर सकता है।
D. ‘तर्कसंगत विचारों का विकास जो कि प्राकृतिक रूप से मूर्त है।’ मध्य बाल्यावस्था की अवधि का मुख्य प्रमाण चिन्ह है। पियाजे के अनुसार, मध्य बाल्यावस्था की अवधि 7-11 या 12 वर्ष तक होती है, जिसको इन्होंने मूर्त संक्रियात्मक अवस्था का नाम दिया है। इस अवस्था में बालक में मूर्त रूप से सोचने, तर्क करने, संरक्षण, विलोमीयता जैसे गुणों का विकास हो जाता है। वह वस्तुओं को उनके गुणों के आधार पर वर्गीकृत कर सकता है, उनका श्रेणीकरण कर सकता है और उनमें सम्बन्ध स्थापित कर सकता है।