Correct Answer:
Option C - स्वामी सहजानंद ने बिहार प्रांतीय किसान सभा की स्थापना की थी और वे अखिल भारतीय किसान सभा (1936) के अध्यक्ष भी बने थे। उनका संबंध बिहार के किसान आंदोलन से था। उनके कृषि सुधार कार्यक्रम का वास्तविक लक्ष्य जमींदारी प्रथा का उन्मूलन तथा कृषकों को मालिकाना अधिकार दिलाना था। किसानों के प्रति इनकी समर्पित सेवाओं के कारण इन्हें किसान प्राण कहा जाता था। स्वामी सहजानंद 1930 के दशक में किसान सभा आंदोलन से जुड़े थे।
C. स्वामी सहजानंद ने बिहार प्रांतीय किसान सभा की स्थापना की थी और वे अखिल भारतीय किसान सभा (1936) के अध्यक्ष भी बने थे। उनका संबंध बिहार के किसान आंदोलन से था। उनके कृषि सुधार कार्यक्रम का वास्तविक लक्ष्य जमींदारी प्रथा का उन्मूलन तथा कृषकों को मालिकाना अधिकार दिलाना था। किसानों के प्रति इनकी समर्पित सेवाओं के कारण इन्हें किसान प्राण कहा जाता था। स्वामी सहजानंद 1930 के दशक में किसान सभा आंदोलन से जुड़े थे।