Correct Answer:
Option A - अन्योन्य तलेक्षण (Reciprocal levelling)–
∎ जब ऐसे दो स्टेशन बिंदु जिनके मध्य किसी बाधा के कारण लेवल यंत्र स्थापित नहीं किया जा सके, तो उनकी शुद्धता से तल-अन्तर ज्ञात करने के लिए अन्योन्य या दोहरा तलेक्षण किया जाता है। जैसे– अधिक चौड़ी नदियों अथवा तंग गहरी घाटियों वेंâ आर-पार तलेक्षण।
∎ इसमें वायुमण्डलीय अपवर्तन के कारण त्रुटि को आंशिक रूप से दूर किया जाता है, और पृथ्वी की वक्रता के प्रभावों के कारण त्रुटि को पूर्णतः समाप्त करने के लिए सर्वेक्षण किया जाता है।
A. अन्योन्य तलेक्षण (Reciprocal levelling)–
∎ जब ऐसे दो स्टेशन बिंदु जिनके मध्य किसी बाधा के कारण लेवल यंत्र स्थापित नहीं किया जा सके, तो उनकी शुद्धता से तल-अन्तर ज्ञात करने के लिए अन्योन्य या दोहरा तलेक्षण किया जाता है। जैसे– अधिक चौड़ी नदियों अथवा तंग गहरी घाटियों वेंâ आर-पार तलेक्षण।
∎ इसमें वायुमण्डलीय अपवर्तन के कारण त्रुटि को आंशिक रूप से दूर किया जाता है, और पृथ्वी की वक्रता के प्रभावों के कारण त्रुटि को पूर्णतः समाप्त करने के लिए सर्वेक्षण किया जाता है।