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Q: Reciprocal levelling is employed to determine the accurate difference in the level of two points which/दो बिंदुओं के तल में परिशुद्ध अंतर निर्धारित करने के लिए अन्योन्य तलेक्षण का उपयोग किया जाता है :-
  • A. Are quite apart and where it is not possible to set up the instrument midway between the points/काफी दूर है और जहाँ बिन्दुओं के बीच में उपकरण स्थापित करना संभव नहीं है।
  • B. Are quite close and where it is not possible to set up the instrument midway between the points/काफी नजदीक है और जहां बिंदुओं के बीच में उपकरण स्थापित करना संभव नहीं है।
  • C. Have a very large difference in level and two instrument settings are required to determine the difference in level/स्तर में बहुत बड़ा अंतर है और स्तर में अंतर निर्धारित करने के लिए दो उपकरणों की स्थापना की आवश्यकता होती है।
  • D. Are at the almost same elevation/लगभग समान ऊँचाई पर है।
Correct Answer: Option A - अन्योन्य तलेक्षण (Reciprocal levelling)– ∎ जब ऐसे दो स्टेशन बिंदु जिनके मध्य किसी बाधा के कारण लेवल यंत्र स्थापित नहीं किया जा सके, तो उनकी शुद्धता से तल-अन्तर ज्ञात करने के लिए अन्योन्य या दोहरा तलेक्षण किया जाता है। जैसे– अधिक चौड़ी नदियों अथवा तंग गहरी घाटियों वेंâ आर-पार तलेक्षण। ∎ इसमें वायुमण्डलीय अपवर्तन के कारण त्रुटि को आंशिक रूप से दूर किया जाता है, और पृथ्वी की वक्रता के प्रभावों के कारण त्रुटि को पूर्णतः समाप्त करने के लिए सर्वेक्षण किया जाता है।
A. अन्योन्य तलेक्षण (Reciprocal levelling)– ∎ जब ऐसे दो स्टेशन बिंदु जिनके मध्य किसी बाधा के कारण लेवल यंत्र स्थापित नहीं किया जा सके, तो उनकी शुद्धता से तल-अन्तर ज्ञात करने के लिए अन्योन्य या दोहरा तलेक्षण किया जाता है। जैसे– अधिक चौड़ी नदियों अथवा तंग गहरी घाटियों वेंâ आर-पार तलेक्षण। ∎ इसमें वायुमण्डलीय अपवर्तन के कारण त्रुटि को आंशिक रूप से दूर किया जाता है, और पृथ्वी की वक्रता के प्रभावों के कारण त्रुटि को पूर्णतः समाप्त करने के लिए सर्वेक्षण किया जाता है।

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अन्योन्य तलेक्षण (Reciprocal levelling)– ∎ जब ऐसे दो स्टेशन बिंदु जिनके मध्य किसी बाधा के कारण लेवल यंत्र स्थापित नहीं किया जा सके, तो उनकी शुद्धता से तल-अन्तर ज्ञात करने के लिए अन्योन्य या दोहरा तलेक्षण किया जाता है। जैसे– अधिक चौड़ी नदियों अथवा तंग गहरी घाटियों वेंâ आर-पार तलेक्षण। ∎ इसमें वायुमण्डलीय अपवर्तन के कारण त्रुटि को आंशिक रूप से दूर किया जाता है, और पृथ्वी की वक्रता के प्रभावों के कारण त्रुटि को पूर्णतः समाप्त करने के लिए सर्वेक्षण किया जाता है।