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Q: निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. यदि एक देश को इसके प्रति व्यक्ति GDP में वद्धि का अनुभव हो रहा हो, तो उसकी GDP आवश्यक रूप से बढ़ रही होगी। 2. यदि एक देश ऋणात्मक स्फीति का अनुभव कर रहा हो, तो उसकी GDP घट रही होगी। नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए
  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. 1 और 2
  • D. न तो 1 और न ही 2
Correct Answer: Option A - प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (GDP) एक देश के कुल उत्पादन का एक उपाय है। इसकी गणना के लिए सकल घरेलू उत्पाद में देश की जनसंख्या को भाग दिया जाता है। जीडीपी की वृद्धि से प्रति व्यक्ति आय में भी वृद्धि को दर्शाता है। लेकिन मुद्रा स्फीति से उत्पादक वर्ग को लाभ होता है। लेकिन ऋणात्मक स्फीति से उत्पादक वर्ग को हानि होती है। लेकिन उपभोक्ता वर्ग को व निश्चित आय व ऋण देने वाले को लाभ होता है और वह उपभोग बढ़ा कर, ऋण को बढ़ा कर GDP की कमी को पूरा कर देता है। जिसे ऋणात्मक स्फीति से निर्यात भी बढ़ जाता है और उत्पादन एक सामान्य रफ्तार लगभग बनी रहती है। अत: ऋणात्मक स्फीति से GDP घट रही है। का अनुभव निश्चित नहीं है।
A. प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (GDP) एक देश के कुल उत्पादन का एक उपाय है। इसकी गणना के लिए सकल घरेलू उत्पाद में देश की जनसंख्या को भाग दिया जाता है। जीडीपी की वृद्धि से प्रति व्यक्ति आय में भी वृद्धि को दर्शाता है। लेकिन मुद्रा स्फीति से उत्पादक वर्ग को लाभ होता है। लेकिन ऋणात्मक स्फीति से उत्पादक वर्ग को हानि होती है। लेकिन उपभोक्ता वर्ग को व निश्चित आय व ऋण देने वाले को लाभ होता है और वह उपभोग बढ़ा कर, ऋण को बढ़ा कर GDP की कमी को पूरा कर देता है। जिसे ऋणात्मक स्फीति से निर्यात भी बढ़ जाता है और उत्पादन एक सामान्य रफ्तार लगभग बनी रहती है। अत: ऋणात्मक स्फीति से GDP घट रही है। का अनुभव निश्चित नहीं है।

Explanations:

प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (GDP) एक देश के कुल उत्पादन का एक उपाय है। इसकी गणना के लिए सकल घरेलू उत्पाद में देश की जनसंख्या को भाग दिया जाता है। जीडीपी की वृद्धि से प्रति व्यक्ति आय में भी वृद्धि को दर्शाता है। लेकिन मुद्रा स्फीति से उत्पादक वर्ग को लाभ होता है। लेकिन ऋणात्मक स्फीति से उत्पादक वर्ग को हानि होती है। लेकिन उपभोक्ता वर्ग को व निश्चित आय व ऋण देने वाले को लाभ होता है और वह उपभोग बढ़ा कर, ऋण को बढ़ा कर GDP की कमी को पूरा कर देता है। जिसे ऋणात्मक स्फीति से निर्यात भी बढ़ जाता है और उत्पादन एक सामान्य रफ्तार लगभग बनी रहती है। अत: ऋणात्मक स्फीति से GDP घट रही है। का अनुभव निश्चित नहीं है।