Explanations:
द्वितीयक सामाजीकरण उस प्रक्रिया को संदर्भित करता है जो बाद के वर्षों में पड़ोस, विद्यालय और सहकर्मी समूहों जैसे माध्यम से शुरू होता है। यह तब होता है जब बच्चा बाल्यावस्था के चरण से गुजरता है और परिपक्वता में जाता है। विद्यालय, किताबे व मीडिया सामाजीकरण के द्वितीयक कारक हैंं जो कि बच्चे को सामाजिक बनाने में भूमिका निभाते हैं इसके साथ ही बच्चों की मूल्यों मानदंडो और परम्पराओं को प्राप्त करने में तथा बातचीत के माध्यम से सामाजिक भूमिकाओं के बारे में आनौपचारिक संकेतों को विकसित करने में मदद करते हैं।