Correct Answer:
Option C - ‘सगुन अलंकारन सहित, दोषरहित जो होइ।
शब्द अर्थ वारो कवित बिबुध कहत सब कोइ।।’’
काव्य की यह परिभाषा आचार्य चिन्तामणि ने दी है।
आचार्य चिन्तामणि ने काव्य का उक्त लक्षण अपने ग्रन्थ ‘कवि कुल कल्पतरु’ में दिया है।
C. ‘सगुन अलंकारन सहित, दोषरहित जो होइ।
शब्द अर्थ वारो कवित बिबुध कहत सब कोइ।।’’
काव्य की यह परिभाषा आचार्य चिन्तामणि ने दी है।
आचार्य चिन्तामणि ने काव्य का उक्त लक्षण अपने ग्रन्थ ‘कवि कुल कल्पतरु’ में दिया है।