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Q: निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न 10 से 15 तक) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनिए– विविध प्रांत हैं अपनी-अपनी भाषा के अभिमानी हम, पर इन सबसे पहले दुनियावालों हिन्दुस्तानी हम। रहन-सहन में, खान-पान में, भिन्न भले ही हों कितने, सदियों से कुचले लाखों तूफान हमने पद तल से, आज झुके कुछ टकराकर तो कल लगते फिर जागे से। अंडमान से कश्मीर भले ही दूर दिखाई दे कितना, पर हर प्रांत जुड़ा है अपना अगणित कोमल धागों से। जिस ओर बढ़ाए पग हमने, हो गई उधर भू नव मंगल। आजाद वतन के बाशिंदे, हर चरण हमारा है बादल।।समास की दृष्टि से शेष से भिन्न पद है–
  • A. रहन-सहन
  • B. खान-पान
  • C. मिलना-जुलना
  • D. अपनी-अपनी
Correct Answer: Option D - समास की दृष्टि से अपनी-अपनी शेष पदों से भिन्न है क्योंकि रहन-सहन, खान-पान तथा मिलना-जुलना में द्वन्द्व समास है तथा दोनों पदों के मध्य ‘और’ शब्द न होकर भी उपस्थित है। दो भिन्न प्रकार की क्रियाएँ योजक चिह्न द्वारा संयुक्त हैं तथा ‘और’ शब्द प्रछन्न है। अपनी-अपनी में पुनरुक्ति है।
D. समास की दृष्टि से अपनी-अपनी शेष पदों से भिन्न है क्योंकि रहन-सहन, खान-पान तथा मिलना-जुलना में द्वन्द्व समास है तथा दोनों पदों के मध्य ‘और’ शब्द न होकर भी उपस्थित है। दो भिन्न प्रकार की क्रियाएँ योजक चिह्न द्वारा संयुक्त हैं तथा ‘और’ शब्द प्रछन्न है। अपनी-अपनी में पुनरुक्ति है।

Explanations:

समास की दृष्टि से अपनी-अपनी शेष पदों से भिन्न है क्योंकि रहन-सहन, खान-पान तथा मिलना-जुलना में द्वन्द्व समास है तथा दोनों पदों के मध्य ‘और’ शब्द न होकर भी उपस्थित है। दो भिन्न प्रकार की क्रियाएँ योजक चिह्न द्वारा संयुक्त हैं तथा ‘और’ शब्द प्रछन्न है। अपनी-अपनी में पुनरुक्ति है।