Correct Answer:
Option B - मूल्यांकन किसी भी शिक्षण और अधिगम प्रक्रिया का एक अभिन्न अंग है। शिक्षण और मूल्यांकन दोनों निर्देशात्मक उद्देश्यों पर आधारित है जो उन्हें दिशा प्रदान करते है। निर्माणात्मक, संकल्पनात्मक व CCE (सतत एवं व्यापक मूल्यांकन) यह तीनों ही मूल्यांकन के प्रकारों में आते है जबकि ‘वाद-विवाद’ मूल्यांकन के प्रकार के तहत नहीं आता बल्कि यह एक शिक्षण विधि है।
B. मूल्यांकन किसी भी शिक्षण और अधिगम प्रक्रिया का एक अभिन्न अंग है। शिक्षण और मूल्यांकन दोनों निर्देशात्मक उद्देश्यों पर आधारित है जो उन्हें दिशा प्रदान करते है। निर्माणात्मक, संकल्पनात्मक व CCE (सतत एवं व्यापक मूल्यांकन) यह तीनों ही मूल्यांकन के प्रकारों में आते है जबकि ‘वाद-विवाद’ मूल्यांकन के प्रकार के तहत नहीं आता बल्कि यह एक शिक्षण विधि है।