Correct Answer:
Option A - ``अतिशुद्धस्वभावमपि कृष्णचरितम् अकरमपि हस्तस्थितं सकल भुवनतलं राजानम् अद्राक्षीत्।'' यह विशेषक `कादम्बरी कथामुखम्' के नायक राजा शूद्रक के हैं। इसमें राजा शूद्रक के तीन जन्मों (चन्द्रमा, चन्द्रापीड़ तथा शूद्रक) का वर्णन है।
A. ``अतिशुद्धस्वभावमपि कृष्णचरितम् अकरमपि हस्तस्थितं सकल भुवनतलं राजानम् अद्राक्षीत्।'' यह विशेषक `कादम्बरी कथामुखम्' के नायक राजा शूद्रक के हैं। इसमें राजा शूद्रक के तीन जन्मों (चन्द्रमा, चन्द्रापीड़ तथा शूद्रक) का वर्णन है।