Correct Answer:
Option C - बिहार का मैदानी भाग बिहार के भूगर्भिक इतिहास में सबसे नवीनतम् है। बिहार के मैदान को तीन क्षेत्रों में बांटा जा सकता है।
1. तराई का क्षेत्र– यह सोमेश्वर श्रेणी से लेकर पूर्व में किशनगंज तक 5 से 7 किमी. चौड़ी पटरी में फैला हुआ है। इसमें कही-कही कंकड़ और रेत की मात्रा अधिक पायी जाती है इसमें आर्द्रता अधिक पायी जाती है। इसके दक्षिण में तराई उपक्षेत्र है जो प्राय: दलदली है।
2. बांगर का क्षेत्र– यह पुराना जलोढ़ क्षेत्र है। सामान्यत: यह आस-पास के क्षेत्रों से 7-8 मीटर ऊँचा रहता है।
3. खादर का क्षेत्र– इसका विस्तार गंडक से कोसी नदी के क्षेत्र तक सारे उत्तरी बिहार में है। प्रत्येक वर्ष आने वाली बाढ़ के कारण यह क्षेत्र तबाही के कगार पर खड़ा है।
C. बिहार का मैदानी भाग बिहार के भूगर्भिक इतिहास में सबसे नवीनतम् है। बिहार के मैदान को तीन क्षेत्रों में बांटा जा सकता है।
1. तराई का क्षेत्र– यह सोमेश्वर श्रेणी से लेकर पूर्व में किशनगंज तक 5 से 7 किमी. चौड़ी पटरी में फैला हुआ है। इसमें कही-कही कंकड़ और रेत की मात्रा अधिक पायी जाती है इसमें आर्द्रता अधिक पायी जाती है। इसके दक्षिण में तराई उपक्षेत्र है जो प्राय: दलदली है।
2. बांगर का क्षेत्र– यह पुराना जलोढ़ क्षेत्र है। सामान्यत: यह आस-पास के क्षेत्रों से 7-8 मीटर ऊँचा रहता है।
3. खादर का क्षेत्र– इसका विस्तार गंडक से कोसी नदी के क्षेत्र तक सारे उत्तरी बिहार में है। प्रत्येक वर्ष आने वाली बाढ़ के कारण यह क्षेत्र तबाही के कगार पर खड़ा है।