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Q: निर्देश (220-225): निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। भोर हुई पेड़ों की बीना बोलने लगी पात-पात हिले, डाल-डाल डोलने लगी। कहीं दूर किरणों के तार झनझना उठे सपनों के स्वर डूबे धरती के गान में लाखों-ही-लाखों दीये तारों के खो गए, पूरब के अधरों की हलकी मुस्कान में। कविता में ‘सपनों’ की बात क्यों की गई है?
  • A. भोर से पहले रात को स्वप्न देखना
  • B. भोर से पहले रात को सपनों का सच होना
  • C. सपनों में धरती के गीत गाना
  • D. सपनों में धीमे स्वर में गुनगुनाना
Correct Answer: Option A - कविता में ‘सपनों’ की बात इसलिए की गई है क्योकि भोर से पहले रात को मनुष्य स्वप्न देखता है।
A. कविता में ‘सपनों’ की बात इसलिए की गई है क्योकि भोर से पहले रात को मनुष्य स्वप्न देखता है।

Explanations:

कविता में ‘सपनों’ की बात इसलिए की गई है क्योकि भोर से पहले रात को मनुष्य स्वप्न देखता है।