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Q: किस कोशिका सिद्धांत ने सिद्ध किया कि वसा की अर्ध-द्रव प्रकृति समग्र द्विपरत के भीतर प्रोटीन के पाश्र्व संचलन को सक्षम बनाती है?
  • A. गॉल्जीकायों का मॉडल
  • B. रिक्तिका सिद्धांत
  • C. कोशिका सिद्धांत
  • D. द्रव मोजेक मॉडल
Correct Answer: Option D - कोशिका झिल्ली (Cell membrane) का उन्नत नमूना 1972 सिंगर एवं निकोल्सन द्वारा प्रतिपादित किया गया जिसे तरल मोजक नमूना (fluid mosaic model) के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया गया। इसके अनुसार लिपिड के अर्धतरलीय प्रकृति के कारण फॉस्फोलिपिड द्विसतह के भीतर प्रोटीन पार्शिक गति करता है, झिल्ली के भीतर गति के करने की क्षमता उसकी तरलता पर निर्भर करती है।
D. कोशिका झिल्ली (Cell membrane) का उन्नत नमूना 1972 सिंगर एवं निकोल्सन द्वारा प्रतिपादित किया गया जिसे तरल मोजक नमूना (fluid mosaic model) के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया गया। इसके अनुसार लिपिड के अर्धतरलीय प्रकृति के कारण फॉस्फोलिपिड द्विसतह के भीतर प्रोटीन पार्शिक गति करता है, झिल्ली के भीतर गति के करने की क्षमता उसकी तरलता पर निर्भर करती है।

Explanations:

कोशिका झिल्ली (Cell membrane) का उन्नत नमूना 1972 सिंगर एवं निकोल्सन द्वारा प्रतिपादित किया गया जिसे तरल मोजक नमूना (fluid mosaic model) के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया गया। इसके अनुसार लिपिड के अर्धतरलीय प्रकृति के कारण फॉस्फोलिपिड द्विसतह के भीतर प्रोटीन पार्शिक गति करता है, झिल्ली के भीतर गति के करने की क्षमता उसकी तरलता पर निर्भर करती है।