Explanations:
जब एक वस्तु पर दूसरी वस्तु का आरोप किया जाए, वहाँ रूपक अलंकार होता है। जैसे-‘संतों भाई आई म्यान की आँधी रे’ ⇒ उपमा-जहाँ एक वस्तु की समता दूसरी वस्तु से की जाय, वहाँ उपमा अलंकार होता है। ‘उप’ का अर्थ होता है ‘समीप’ ‘माँ’ का मापना या तोलना। अत: उपमा का अर्थ है। जैसे-राधा रति के समान सुन्दरी है। ⇒ उत्प्रेक्षा-जहाँ उपमेय में उपमान की संभावना की जाती है, वहाँ उत्प्रेक्षा अलंकार होता है। जैसे-चमचमात चंचल नयन बिच घूँधर पर झीन। मानहु सुरसरिता बिमल जल उछरत युग मीन।