Correct Answer:
Option A - विजयनगर के संस्थापक हरिहर एवं बुक्का ने संगम वंश की नींव डाली। इस वंश का अंतिम शासक विरुपाक्ष द्वितीय पूर्णत: अयोग्य व्यक्ति था। साम्राज्य में चारों तरफ अराजकता व्याप्त थी। इस स्थिति में साम्राज्य के एक शक्तिशाली सामंत नरसिंह सालुव ने विरुपाक्ष की हत्या कर सत्ता सम्भाली। उसने साम्राज्य को पुनः संगठित करने हेतु सेना को मजबूत बनाया। इस हेतु उसने अरब व्यापारियों को अधिक से अधिक घोड़े आयात करने के लिए प्रोत्साहित किया। नरसा नायक नामक महत्वाकांक्षी व्यक्ति को अपने पुत्र का संरक्षक नियुक्त किया। नरसा नायक ने लगभग सम्पूर्ण सत्ता अपने हाथ में ले लिया एवं साम्राज्य का काफी विस्तार किया। आगे चलकर इसी के पुत्र वीर नरसिंह ने तुलुव वंश की नींव डाली।
A. विजयनगर के संस्थापक हरिहर एवं बुक्का ने संगम वंश की नींव डाली। इस वंश का अंतिम शासक विरुपाक्ष द्वितीय पूर्णत: अयोग्य व्यक्ति था। साम्राज्य में चारों तरफ अराजकता व्याप्त थी। इस स्थिति में साम्राज्य के एक शक्तिशाली सामंत नरसिंह सालुव ने विरुपाक्ष की हत्या कर सत्ता सम्भाली। उसने साम्राज्य को पुनः संगठित करने हेतु सेना को मजबूत बनाया। इस हेतु उसने अरब व्यापारियों को अधिक से अधिक घोड़े आयात करने के लिए प्रोत्साहित किया। नरसा नायक नामक महत्वाकांक्षी व्यक्ति को अपने पुत्र का संरक्षक नियुक्त किया। नरसा नायक ने लगभग सम्पूर्ण सत्ता अपने हाथ में ले लिया एवं साम्राज्य का काफी विस्तार किया। आगे चलकर इसी के पुत्र वीर नरसिंह ने तुलुव वंश की नींव डाली।