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Q: Silkgland of slikmouth are modification of : रेशम कीट की रेशम ग्रन्थियाँ किसका रूपान्तरण है
  • A. Collateral glands/ कोलेटरल ग्रन्थियो की
  • B. Mushroom glands/मशरुम ग्रन्थियों की
  • C. Salivary glands/लार ग्रन्थियों की
  • D. Anal glands/ गुदा ग्रन्थियों की
Correct Answer: Option C - रेशम कीट की रेशम ग्रन्थियों लार ग्रन्थियों की रूपान्तरण है। भारत में मलबरी, टसर, मुगा, ईरी, ओक, जाइंट प्रकार का सिल्क पाया जाता है। कोलेटरल ग्रन्थि काक्रोच में पायी जाती है ये जनन वेश्म के पृष्ठ तल की ओर स्थित एक जोड़ी सफेद एवं अत्यधिक शाखान्वित नलिका स्वरूप सहायक ग्रन्थियाँ हैं। वॉची ग्रन्थिदायी से बड़ी होती है। दोनों से श्रावित पदार्थ भी भिन्न होते हैं दोनों एक-एक वाहनी निकालती हैं दोनों वाहिनियाँ मिलकर जनन कक्ष में खुल जाती हैं। मशरूम ग्रन्थि नर काक्रोच में पायी जाती है। यह शुक्रवाहिनियों के मिलन स्थान पर स्थित बड़ी सी सहायक ग्रन्थि होती है।
C. रेशम कीट की रेशम ग्रन्थियों लार ग्रन्थियों की रूपान्तरण है। भारत में मलबरी, टसर, मुगा, ईरी, ओक, जाइंट प्रकार का सिल्क पाया जाता है। कोलेटरल ग्रन्थि काक्रोच में पायी जाती है ये जनन वेश्म के पृष्ठ तल की ओर स्थित एक जोड़ी सफेद एवं अत्यधिक शाखान्वित नलिका स्वरूप सहायक ग्रन्थियाँ हैं। वॉची ग्रन्थिदायी से बड़ी होती है। दोनों से श्रावित पदार्थ भी भिन्न होते हैं दोनों एक-एक वाहनी निकालती हैं दोनों वाहिनियाँ मिलकर जनन कक्ष में खुल जाती हैं। मशरूम ग्रन्थि नर काक्रोच में पायी जाती है। यह शुक्रवाहिनियों के मिलन स्थान पर स्थित बड़ी सी सहायक ग्रन्थि होती है।

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रेशम कीट की रेशम ग्रन्थियों लार ग्रन्थियों की रूपान्तरण है। भारत में मलबरी, टसर, मुगा, ईरी, ओक, जाइंट प्रकार का सिल्क पाया जाता है। कोलेटरल ग्रन्थि काक्रोच में पायी जाती है ये जनन वेश्म के पृष्ठ तल की ओर स्थित एक जोड़ी सफेद एवं अत्यधिक शाखान्वित नलिका स्वरूप सहायक ग्रन्थियाँ हैं। वॉची ग्रन्थिदायी से बड़ी होती है। दोनों से श्रावित पदार्थ भी भिन्न होते हैं दोनों एक-एक वाहनी निकालती हैं दोनों वाहिनियाँ मिलकर जनन कक्ष में खुल जाती हैं। मशरूम ग्रन्थि नर काक्रोच में पायी जाती है। यह शुक्रवाहिनियों के मिलन स्थान पर स्थित बड़ी सी सहायक ग्रन्थि होती है।