Correct Answer:
Option C - झिल्ली तराई (Membrane curing)–
यह कंक्रीट तराई की सूखी विधि भी कहलाती है।
इस विधि में, गीली कंक्रीट सतह को जल सतह झिल्ली से ढाँप दिया जाता है। यह झिल्ली कंक्रीट की नमी को अन्दर ही बनाए रखती है, जिससे जलयोजन क्रिया अच्छी प्रकार सम्पन्न होती है।
यह तराई कंक्रीट के पिण्ड में नमी की एक संतोषजनक स्थिति बनाए रखने का एक अच्छा तरीका है ताकि निरंतर जलयोजन को बढ़ावा दिया जा सके, जब उपयोग किया गया वास्तविक जल-सीमेंट अनुपात 0.50 से कम न हो।
C. झिल्ली तराई (Membrane curing)–
यह कंक्रीट तराई की सूखी विधि भी कहलाती है।
इस विधि में, गीली कंक्रीट सतह को जल सतह झिल्ली से ढाँप दिया जाता है। यह झिल्ली कंक्रीट की नमी को अन्दर ही बनाए रखती है, जिससे जलयोजन क्रिया अच्छी प्रकार सम्पन्न होती है।
यह तराई कंक्रीट के पिण्ड में नमी की एक संतोषजनक स्थिति बनाए रखने का एक अच्छा तरीका है ताकि निरंतर जलयोजन को बढ़ावा दिया जा सके, जब उपयोग किया गया वास्तविक जल-सीमेंट अनुपात 0.50 से कम न हो।