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Q: मौन-वाचनस्य अभ्यास: भवितव्य:–
  • A. यदा-कदा
  • B. अनियमितरूपेण
  • C. रात्रि-समये
  • D. नियमितरूपेण
Correct Answer: Option D - मौन-वाचन का अभ्यास नियमित रूप से होना चाहिए क्योंकि इसे विषय-वस्तु की समझ आसान होती है। अत: नियमित रूप से मौन-वाचन होना चाहिए।
D. मौन-वाचन का अभ्यास नियमित रूप से होना चाहिए क्योंकि इसे विषय-वस्तु की समझ आसान होती है। अत: नियमित रूप से मौन-वाचन होना चाहिए।

Explanations:

मौन-वाचन का अभ्यास नियमित रूप से होना चाहिए क्योंकि इसे विषय-वस्तु की समझ आसान होती है। अत: नियमित रूप से मौन-वाचन होना चाहिए।