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Q: मल्लिनाथानुसारं ‘‘नारिकेलफलसम्मितं वच:’’ अस्ति
  • A. कालिदासस्य
  • B. भासस्य
  • C. माघस्य
  • D. भारवे:
Correct Answer: Option D - मल्लिनाथानुसारं ‘‘नारिकेलफलसम्मितं वच:’’भारवे अस्ति अर्थात् मल्लिनाथ ने भारवि की वाणी को नारिकेल फल के समान कहा है। जैसे– नारियल ऊपर से कठोर तथा अन्दर से कोमल होता है। उसी प्रकार भारवि की वाणी भी अति कोमल है।
D. मल्लिनाथानुसारं ‘‘नारिकेलफलसम्मितं वच:’’भारवे अस्ति अर्थात् मल्लिनाथ ने भारवि की वाणी को नारिकेल फल के समान कहा है। जैसे– नारियल ऊपर से कठोर तथा अन्दर से कोमल होता है। उसी प्रकार भारवि की वाणी भी अति कोमल है।

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मल्लिनाथानुसारं ‘‘नारिकेलफलसम्मितं वच:’’भारवे अस्ति अर्थात् मल्लिनाथ ने भारवि की वाणी को नारिकेल फल के समान कहा है। जैसे– नारियल ऊपर से कठोर तथा अन्दर से कोमल होता है। उसी प्रकार भारवि की वाणी भी अति कोमल है।