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Q: How did World War I affect India’s trade balance?/प्रथम विश्व युद्ध ने भारत के व्यापार संतुलन को कैसे प्रभावित किया?
  • A. It resulted in a deficit in trade due to decreased exports/निर्यात में कमी के कारण व्यापार में घाटा हुआ
  • B. It had no significant impact on India’s trade balance/इसका भारत के व्यापार संतुलन पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ा
  • C. It led to a surplus in trade due to increased exports/इससे निर्यात में वृद्धि के कारण व्यापार में अधिशेष हुआ
  • D. More than one of the above उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. None of the above/उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option A - प्रथम विश्व युद्ध के दौरान भारत के व्यापार संतुलन को निर्यात में कमी के कारण व्यापार में घाटा हुआ तथा इसे प्रभावित किया। प्रथम विश्व युद्ध ने एक नयी आर्थिक और राजनीतिक स्थिति पैदा कर दी थी। इसके कारण रक्षा व्यय में भारी इलाफा हुआ। इस खर्चे की भरपाई करने के लिए युद्ध के नाम पर कर्जे लिए गए और करों मे वृद्धि की गई। सीमा शुल्क बढ़ा दिया गया और आयकर शुरु किया गया। युद्ध के दौरान कीमतें तेजी से बढ़ी। 1913 से 1918 के बीच कीमतें दोगुना हो चुकी थीं जिसके कारण आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई थीं। देश के बहुत सारे हिस्सों में फसल खराब हो गई जिसके कारण खाद्य पदार्थों का भारी अभाव पैदा हो गया। उसी समय फ्लू की महामारी फैल गई थी।
A. प्रथम विश्व युद्ध के दौरान भारत के व्यापार संतुलन को निर्यात में कमी के कारण व्यापार में घाटा हुआ तथा इसे प्रभावित किया। प्रथम विश्व युद्ध ने एक नयी आर्थिक और राजनीतिक स्थिति पैदा कर दी थी। इसके कारण रक्षा व्यय में भारी इलाफा हुआ। इस खर्चे की भरपाई करने के लिए युद्ध के नाम पर कर्जे लिए गए और करों मे वृद्धि की गई। सीमा शुल्क बढ़ा दिया गया और आयकर शुरु किया गया। युद्ध के दौरान कीमतें तेजी से बढ़ी। 1913 से 1918 के बीच कीमतें दोगुना हो चुकी थीं जिसके कारण आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई थीं। देश के बहुत सारे हिस्सों में फसल खराब हो गई जिसके कारण खाद्य पदार्थों का भारी अभाव पैदा हो गया। उसी समय फ्लू की महामारी फैल गई थी।

Explanations:

प्रथम विश्व युद्ध के दौरान भारत के व्यापार संतुलन को निर्यात में कमी के कारण व्यापार में घाटा हुआ तथा इसे प्रभावित किया। प्रथम विश्व युद्ध ने एक नयी आर्थिक और राजनीतिक स्थिति पैदा कर दी थी। इसके कारण रक्षा व्यय में भारी इलाफा हुआ। इस खर्चे की भरपाई करने के लिए युद्ध के नाम पर कर्जे लिए गए और करों मे वृद्धि की गई। सीमा शुल्क बढ़ा दिया गया और आयकर शुरु किया गया। युद्ध के दौरान कीमतें तेजी से बढ़ी। 1913 से 1918 के बीच कीमतें दोगुना हो चुकी थीं जिसके कारण आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई थीं। देश के बहुत सारे हिस्सों में फसल खराब हो गई जिसके कारण खाद्य पदार्थों का भारी अभाव पैदा हो गया। उसी समय फ्लू की महामारी फैल गई थी।