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Q: ‘मलिक मुहम्मद जायसी की प्रेम कविता’-हिन्दी साहित्य के इतिहास का काल-विभाजन और नामकरण करते हुए उपर्युक्त नामकरण किस साहित्येतिहासकार ने सुझाया है?
  • A. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
  • B. हजारी प्रसाद द्विवेदी
  • C. डाँ. जॉर्ज ग्रियर्सन
  • D. More than one of the above उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. None of the above/उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option C - `मलिक मुहम्मद जायसी की प्रेम कविता' का नामकरण डा. जॉर्ज ग्रियर्सन ने दिया था। इन्होंने यह नामकरण अपने साहित्य इतिहास ग्रंथ `द मॉडर्न वर्नाक्यूलर लिटरेचर ऑफ हिंदुस्तान' में सुझाया है। आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने इस कालखण्ड को ‘निर्गुण धारा’ के ‘सूफी काव्य धारा’ नाम दिया है।
C. `मलिक मुहम्मद जायसी की प्रेम कविता' का नामकरण डा. जॉर्ज ग्रियर्सन ने दिया था। इन्होंने यह नामकरण अपने साहित्य इतिहास ग्रंथ `द मॉडर्न वर्नाक्यूलर लिटरेचर ऑफ हिंदुस्तान' में सुझाया है। आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने इस कालखण्ड को ‘निर्गुण धारा’ के ‘सूफी काव्य धारा’ नाम दिया है।

Explanations:

`मलिक मुहम्मद जायसी की प्रेम कविता' का नामकरण डा. जॉर्ज ग्रियर्सन ने दिया था। इन्होंने यह नामकरण अपने साहित्य इतिहास ग्रंथ `द मॉडर्न वर्नाक्यूलर लिटरेचर ऑफ हिंदुस्तान' में सुझाया है। आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने इस कालखण्ड को ‘निर्गुण धारा’ के ‘सूफी काव्य धारा’ नाम दिया है।