Correct Answer:
Option C - ‘‘वैष्णव जन तो तैणे कहिए जे पीड़ पराई जाणे रे’’, यह भजन राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी का प्रिय भजन और उनका जीवन दर्शन भी था। यह भजन गुजरात के नरसी मेहता का है। वे एक महान कृष्ण भक्त थे जिन्हें मीरा और चैतन्य के समतुल्य माना जाता है।
C. ‘‘वैष्णव जन तो तैणे कहिए जे पीड़ पराई जाणे रे’’, यह भजन राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी का प्रिय भजन और उनका जीवन दर्शन भी था। यह भजन गुजरात के नरसी मेहता का है। वे एक महान कृष्ण भक्त थे जिन्हें मीरा और चैतन्य के समतुल्य माना जाता है।