Correct Answer:
Option D - फरवरी, 1938 में बिहार की निर्वाचित सरकार ने राजनीतिक कैदियों की रिहाई के लिए त्यागपत्र दे दिया। वर्ष 1937 के चुनावों में राजनैतिक कैदियों की रिहाई कांग्रेस के प्रमुख मुद्दों में से एक था। वायसराय ने बाद में मांगों को मान लिया और योगेन्द्र शुक्ला को मार्च, 1938 में अन्य राजनीतिक कैदियों के साथ रिहा कर दिया।
D. फरवरी, 1938 में बिहार की निर्वाचित सरकार ने राजनीतिक कैदियों की रिहाई के लिए त्यागपत्र दे दिया। वर्ष 1937 के चुनावों में राजनैतिक कैदियों की रिहाई कांग्रेस के प्रमुख मुद्दों में से एक था। वायसराय ने बाद में मांगों को मान लिया और योगेन्द्र शुक्ला को मार्च, 1938 में अन्य राजनीतिक कैदियों के साथ रिहा कर दिया।