Correct Answer:
Option D - विष्णु प्रभाकर द्वारा रचित ‘आवारा मसीहा’ के संदर्भ में असत्य कथन है- पर्वों का क्रम-दिशा की खोज-दिशा दिशाहारा दिशांत। पर्वों का सही क्रम होगा- दिशाहारा-दिशा की खोज-दिशांत।
⦁ आवारा मसीहा शरतचंद्र चटर्जी की जीवनी है
⦁ आवारा मसीहा के प्रथम संस्करण का प्रकाशन 1974 ई. में हुआ था। विष्णु प्रभाकर को आवारा मसीहा के लेखन में 14 वर्ष लगे थे।
⦁ यह जीवनी शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के जीवन संघर्षों और साहित्यिक यात्रा का वर्णन करती है।
विष्णु प्रभाकर की प्रमुख रचनाएँ-अर्द्धनारीश्वर, ढलती रात, धरती अब भी घूम रही है, संघर्ष के बाद, सत्ता के आर-पार।
D. विष्णु प्रभाकर द्वारा रचित ‘आवारा मसीहा’ के संदर्भ में असत्य कथन है- पर्वों का क्रम-दिशा की खोज-दिशा दिशाहारा दिशांत। पर्वों का सही क्रम होगा- दिशाहारा-दिशा की खोज-दिशांत।
⦁ आवारा मसीहा शरतचंद्र चटर्जी की जीवनी है
⦁ आवारा मसीहा के प्रथम संस्करण का प्रकाशन 1974 ई. में हुआ था। विष्णु प्रभाकर को आवारा मसीहा के लेखन में 14 वर्ष लगे थे।
⦁ यह जीवनी शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के जीवन संघर्षों और साहित्यिक यात्रा का वर्णन करती है।
विष्णु प्रभाकर की प्रमुख रचनाएँ-अर्द्धनारीश्वर, ढलती रात, धरती अब भी घूम रही है, संघर्ष के बाद, सत्ता के आर-पार।