Correct Answer:
Option D - कंक्रीट के संघटकों-सीमेंट, मोटा व महीन मिलावों को आपस में भली भांति मिलाने और सुघट्य पिण्ड बनाने के लिए, कंक्रीट में पर्याप्त पानी मिलाया जाता है।
कंक्रीट में पानी स्नेहन का कार्य करता है। यदि कंक्रीट में पानी की मात्रा कम है, तो कंक्रीट के संघटकों के बीच आंतरिक घर्षण अधिक होता है। पानी की मात्रा बढ़ाने पर घर्षण का मान कम हो जाता है।
कंक्रीट में अधिक पानी तथा मोटा मिलावें का प्रयोग करने से कंक्रीट के संघटकों के बीच आंतरिक घर्षण का मान कम हो जाता है।
D. कंक्रीट के संघटकों-सीमेंट, मोटा व महीन मिलावों को आपस में भली भांति मिलाने और सुघट्य पिण्ड बनाने के लिए, कंक्रीट में पर्याप्त पानी मिलाया जाता है।
कंक्रीट में पानी स्नेहन का कार्य करता है। यदि कंक्रीट में पानी की मात्रा कम है, तो कंक्रीट के संघटकों के बीच आंतरिक घर्षण अधिक होता है। पानी की मात्रा बढ़ाने पर घर्षण का मान कम हो जाता है।
कंक्रीट में अधिक पानी तथा मोटा मिलावें का प्रयोग करने से कंक्रीट के संघटकों के बीच आंतरिक घर्षण का मान कम हो जाता है।