Correct Answer:
Option C - 45º कोण तक ऑप्टिकल फ्लैट्स के किनारों को प्रवणित (Bevel) किया जाता है।
ऑप्टिकल फ्लैट्स के किनारे उचित ग्राइंडिंग द्वारा समान्यत: 45º कोण पर बेवेल्ड किए जाते हैं तथा किसी भी प्रकार के चिप्स आदि से किनारों को मुक्त करने के लिए उसकी पॉलिशिंग की जाती है।
ऑप्टिकल फ्लैट्स की कार्यकारी सतहों को पॉलिशिंग और लैपिंग प्रक्रिया द्वारा परिष्कृत किया जाता है तथा बेलनाकार सतहों को ग्राइंडिंग प्रक्रिया द्वारा परिष्कृत किया जाता है।
उपयोग– ऑप्टिकल फ्लैट्स का उपयोग विभिन्न ऑप्टिकल सतहों के समतलता की जाँच करने के लिए किया जाता है। ऑप्टिकल फ्लैट्स सतहों के समतलता का निर्धारण इंटरफैरेंस (Interfrence) द्वारा करते है।
C. 45º कोण तक ऑप्टिकल फ्लैट्स के किनारों को प्रवणित (Bevel) किया जाता है।
ऑप्टिकल फ्लैट्स के किनारे उचित ग्राइंडिंग द्वारा समान्यत: 45º कोण पर बेवेल्ड किए जाते हैं तथा किसी भी प्रकार के चिप्स आदि से किनारों को मुक्त करने के लिए उसकी पॉलिशिंग की जाती है।
ऑप्टिकल फ्लैट्स की कार्यकारी सतहों को पॉलिशिंग और लैपिंग प्रक्रिया द्वारा परिष्कृत किया जाता है तथा बेलनाकार सतहों को ग्राइंडिंग प्रक्रिया द्वारा परिष्कृत किया जाता है।
उपयोग– ऑप्टिकल फ्लैट्स का उपयोग विभिन्न ऑप्टिकल सतहों के समतलता की जाँच करने के लिए किया जाता है। ऑप्टिकल फ्लैट्स सतहों के समतलता का निर्धारण इंटरफैरेंस (Interfrence) द्वारा करते है।