Correct Answer:
Option B - सूरदास के दृष्टकूट पद ‘साहित्य-लहरी’ काव्य-ग्रंथ में संकलित हैं। ‘साहित्य लहरी’ (1550 1ई.) में अलंकार और नायिका भेदों के उदाहरण प्रस्तुत करने वाले18 दृष्टिकूट पद है। सूरदास को वात्सल्य रस का सम्राट कहा जाता है।
B. सूरदास के दृष्टकूट पद ‘साहित्य-लहरी’ काव्य-ग्रंथ में संकलित हैं। ‘साहित्य लहरी’ (1550 1ई.) में अलंकार और नायिका भेदों के उदाहरण प्रस्तुत करने वाले18 दृष्टिकूट पद है। सूरदास को वात्सल्य रस का सम्राट कहा जाता है।