Correct Answer:
Option A - मेघदूत का नायक यक्ष है। दोनों के पृथक-पृथक प्रवास के बीच वियोगजन्य कष्ट की जो स्थिति है, उसका वर्णन कालिदास ने बहुत ही सजीव ढंग से किया है।
A. मेघदूत का नायक यक्ष है। दोनों के पृथक-पृथक प्रवास के बीच वियोगजन्य कष्ट की जो स्थिति है, उसका वर्णन कालिदास ने बहुत ही सजीव ढंग से किया है।