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Q: ‘लोकनायक वही हो सकता है जो समन्वय करने का अपार धैर्य लेकर आया हो। उनका सारा काव्य समन्वय की विराट चेष्टा है।’ तुलसीदास के संबंध में यह कथन किसका है?
  • A. रामचन्द्र शुक्ल
  • B. नन्ददुलारे बाजपेयी
  • C. हजारी प्रसाद द्विवेदी
  • D. ग्रियर्सन
Correct Answer: Option C - - उपर्युक्त कथन गोस्वामी तुलसीदास के संबंध में आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का है। हजारी प्रसाद द्विवेदी की प्रमुख आलोचनात्मक रचनाएं हैं – (1) सूरसाहित्य (2) हिन्दी साहित्य की भूमिका (3) कबीर (4) हिन्दी साहित्य का आदिकाल (5) कालिदास की लालित्य योजना।
C. - उपर्युक्त कथन गोस्वामी तुलसीदास के संबंध में आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का है। हजारी प्रसाद द्विवेदी की प्रमुख आलोचनात्मक रचनाएं हैं – (1) सूरसाहित्य (2) हिन्दी साहित्य की भूमिका (3) कबीर (4) हिन्दी साहित्य का आदिकाल (5) कालिदास की लालित्य योजना।

Explanations:

- उपर्युक्त कथन गोस्वामी तुलसीदास के संबंध में आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का है। हजारी प्रसाद द्विवेदी की प्रमुख आलोचनात्मक रचनाएं हैं – (1) सूरसाहित्य (2) हिन्दी साहित्य की भूमिका (3) कबीर (4) हिन्दी साहित्य का आदिकाल (5) कालिदास की लालित्य योजना।