Explanations:
सन् 1960-63 ई0 में के0जी0 सुब्रमण्यन ने जब लखनऊ स्थित रवीन्द्रालय के बाहरी हिस्से के लिए अपना बड़ा और प्रसिद्ध म्यूरल ‘ किंग ऑफ डार्क चैम्बर्स’ बनाया तो इस 81 फुट लम्बे और 5 फुट ऊँचे टेरोकोटा म्यूरल की 13,000 टाइलों को बनाने के काम में के0जी0 के विशेष सहयोगी राजस्थान के क्राफ्टमैन ग्यारसी लाल वर्मा का भी योगदान था।