Correct Answer:
Option B - शैशवावस्था में पहुँचना और पकड़ना विकास का एक महत्वपूर्ण पहलू है, इसके बारे मे दिए गए दोनों कथन (I) व (II) सही है। जीने पियाजे, जिन्होंने अपने सिद्धान्त में संज्ञानात्मक विकास का एक व्यवस्थित अध्ययन किया है जिसे चार चरणों में वर्गीकृत किया गया है। इसी चरणों में संवेदीपरक अवस्था सेंसरी मोटर स्टेज जिसमें बच्चा इन्द्रियों और क्रियाओं के माध्यम से दुनिया को देखता है (देखना,सुनना,छूना,बोलना और प्राप्त करना)। इसमें बच्चा वस्तु स्थायित्व विकसित करता है तथा हाथ की हलचल और दृष्टि शुरु में स्वतंत्र हो जाते हैं। इसी प्रकार बोवर ने भी नोट किया कि जन्मजात दृष्टिहीन शिशु हाथ के संबंध की अवधि से गु़जरते हैं।
B. शैशवावस्था में पहुँचना और पकड़ना विकास का एक महत्वपूर्ण पहलू है, इसके बारे मे दिए गए दोनों कथन (I) व (II) सही है। जीने पियाजे, जिन्होंने अपने सिद्धान्त में संज्ञानात्मक विकास का एक व्यवस्थित अध्ययन किया है जिसे चार चरणों में वर्गीकृत किया गया है। इसी चरणों में संवेदीपरक अवस्था सेंसरी मोटर स्टेज जिसमें बच्चा इन्द्रियों और क्रियाओं के माध्यम से दुनिया को देखता है (देखना,सुनना,छूना,बोलना और प्राप्त करना)। इसमें बच्चा वस्तु स्थायित्व विकसित करता है तथा हाथ की हलचल और दृष्टि शुरु में स्वतंत्र हो जाते हैं। इसी प्रकार बोवर ने भी नोट किया कि जन्मजात दृष्टिहीन शिशु हाथ के संबंध की अवधि से गु़जरते हैं।