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Q: लेखानुमोदन और अंतरिम बजट के बीच क्या अंतर है? 1. स्थाई सरकार लेखानुमोदन के प्रावधान का प्रयोग करती है, जबकि कार्यवाहक सरकार अंतरिम बजट के प्रावधान का प्रयोग करती है। 2. लेखानुमोदन सरकार के बजट के व्यय पक्ष मात्र से संबद्ध होता है, जबकि अंतरिम बजट में व्यय तथा आवती दोनों सम्मिलित होते हैं। उपर्युक्त में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं?
  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. न तो 1 और न ही 2
Correct Answer: Option B - अनुच्छेद 116 (क) के अंतर्गत लोकसभा लेखा अनुदान पारित कर सरकार के लिए एक अग्रिम राशि मंजूर कर सकती है, जिसके बारे में बजट विवरण देना सरकार के लिए सम्भव नहीं है। यह सरकार के बजट के व्यय पक्ष से सम्बद्ध होता है। अंतरिम बजट में व्यय तथा आवती दोनों सम्मिलित होते हैं तथा यह चुनाव से पूर्व कार्यवाहक सरकार द्वारा तथा चुनाव के बाद नियमित सरकार अर्थात दोनों सरकार द्वारा प्रस्तुत किया जा सकता है।
B. अनुच्छेद 116 (क) के अंतर्गत लोकसभा लेखा अनुदान पारित कर सरकार के लिए एक अग्रिम राशि मंजूर कर सकती है, जिसके बारे में बजट विवरण देना सरकार के लिए सम्भव नहीं है। यह सरकार के बजट के व्यय पक्ष से सम्बद्ध होता है। अंतरिम बजट में व्यय तथा आवती दोनों सम्मिलित होते हैं तथा यह चुनाव से पूर्व कार्यवाहक सरकार द्वारा तथा चुनाव के बाद नियमित सरकार अर्थात दोनों सरकार द्वारा प्रस्तुत किया जा सकता है।

Explanations:

अनुच्छेद 116 (क) के अंतर्गत लोकसभा लेखा अनुदान पारित कर सरकार के लिए एक अग्रिम राशि मंजूर कर सकती है, जिसके बारे में बजट विवरण देना सरकार के लिए सम्भव नहीं है। यह सरकार के बजट के व्यय पक्ष से सम्बद्ध होता है। अंतरिम बजट में व्यय तथा आवती दोनों सम्मिलित होते हैं तथा यह चुनाव से पूर्व कार्यवाहक सरकार द्वारा तथा चुनाव के बाद नियमित सरकार अर्थात दोनों सरकार द्वारा प्रस्तुत किया जा सकता है।