Correct Answer:
Option C - ‘‘ किसी स्थान का देशांतर और अंक्षाश निर्धारित करने और मानचित्र तैयार करने में समतल और ठोस निर्देशांक, ज्यामिति का ज्ञान परम आवश्यक है।’’ यह दिया गया कथन, गणित के सम्बन्धित ज्ञान की भूगोल शाखा को दर्शाता हैं। क्योंकि ‘‘भूगोल शाखा’’ के अंतर्गत ही देशांतर और अंक्षांश निर्धारित करने के लिए मानचित्र तैयार करना होता है।
अर्थात कला शिक्षा, साहित्य तथा इतिहास, भूगोल की शाखा के प्रतिकूल शाखा है, जिसमें अंक्षांश व देशांतर रेखाओं का प्रयोग नहीं किया जाता है।
C. ‘‘ किसी स्थान का देशांतर और अंक्षाश निर्धारित करने और मानचित्र तैयार करने में समतल और ठोस निर्देशांक, ज्यामिति का ज्ञान परम आवश्यक है।’’ यह दिया गया कथन, गणित के सम्बन्धित ज्ञान की भूगोल शाखा को दर्शाता हैं। क्योंकि ‘‘भूगोल शाखा’’ के अंतर्गत ही देशांतर और अंक्षांश निर्धारित करने के लिए मानचित्र तैयार करना होता है।
अर्थात कला शिक्षा, साहित्य तथा इतिहास, भूगोल की शाखा के प्रतिकूल शाखा है, जिसमें अंक्षांश व देशांतर रेखाओं का प्रयोग नहीं किया जाता है।