Correct Answer:
Option B - खड़ी बोली का दूसरा नाम कौरवी है। यह बोली पश्चिमी हिन्दी की प्रमुख बोली है, जो रामपुर, मुरादाबाद, विजनौर, मेरठ, मुजफ्फरनगर सहारनपुर, देहरादून के मैदानी भागों में बोली जाती है। इसे बोलने वालों की संख्या लगभग दो करोड़ है। मानक हिन्दी का विकास इसी खड़ी बोली से हुआ है।
B. खड़ी बोली का दूसरा नाम कौरवी है। यह बोली पश्चिमी हिन्दी की प्रमुख बोली है, जो रामपुर, मुरादाबाद, विजनौर, मेरठ, मुजफ्फरनगर सहारनपुर, देहरादून के मैदानी भागों में बोली जाती है। इसे बोलने वालों की संख्या लगभग दो करोड़ है। मानक हिन्दी का विकास इसी खड़ी बोली से हुआ है।